राहुल गांधी ने कहा- सरकार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकने, कॉलेज, इंटरनेट, फोन को बंद करने का कोई अधिकार नहीं
प.बंगाल की मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा- भाजपा की स्थापना 1980 में हुई थी, आज वो हमसे 1970 के नागरिकता दस्तावेज मांग रही
नई दिल्ली. नागरिकता कानून के विरोध में गुरुवार को देशभर में कई संगठनों ने बंद बुलाया। 12 राज्यों में प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुईं। जिन राज्यों में प्रदर्शन हुए, उनमें 6 में भाजपा सत्ता में है। कोलकाता में हुई रैली में प.बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा- निष्पक्ष संगठन जैसे युनाइटेड नेशंस या राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को एक समिति का गठन करवाना चाहिए जो नागरिकता संशोधन कानून मामले पर जनमत संग्रह करवा सके। ताकि यह पता लग सके कि कितने लोग इसके समर्थन में हैं और कितने इसके विरोध में। उन्होंने कहा- भाजपा की स्थापना 1980 में हुई थी। आज वो हमसे 1970 के नागरिकता दस्तावेज मांग रही है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा- सरकार को कोई अधिकार नहीं है कि वह भारत की आवाज और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए इंटरनेट, टेलीफोन, कॉलेज और मेट्रो को बंद करे। यह भारत की आत्मा की बेइज्जती है। जबकि भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 2003 में दिए गए भाषण का वीडियो पोस्ट किया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- मौजूदा वक्त में देशभर में कानून व्यवस्था की स्थिति ध्वस्त हो चुकी है। केंद्र से अपील करता हूं कि नागरिकता कानून को वापस लें और युवाओं को रोजगार दें। इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय अनेक राज्यों में जारी विरोध के मामले में बैठक करेगा। वहीं, इसी मामले पर सोनिया गांधी के निवास पर कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक जारी।